शनिवार, 30 सितंबर 2017

मुंबई के एलफिंस्टन स्टेशन पर भगदड़ २२ लोगों की मौत

     शुक्रवार २९/०९/२०१७ मुंबई के एलफिंस्टन स्टेशन पर मची भगदड़ में २२ लोगों की मौत हो गई है । इस घटना में शेकडो लोग घायल हो गए है । सुबह लगभग १०.४५ बजे सरकार कि निती और घटिया प्रशासन कि वजह से भगदड़ मच गई थी । इस हदसे के बाद से लोगों के बीच रेलवे में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और इस बेहद दुखद घटना पर काफी गुस्सा है. 'सपनों की नगरी' कहलाने वाली मुंबई में काम पर जाते लोगो के साथ हुई इस दुर्घटना पर मुंबई के लोगो ने भी अपना दुख और चिंता जाहिर कि है । पर सरकार के कानपर कि जु तक हिलने वाली नही है ।
   नयी सरकार ने लोगो अच्छे दिन के लालच में रेल हादसों का एक नया उच्चांक निर्माण किया है । लोगो के रेल हादसों में मरने का भी इस अच्छे दिन वाले सरकार ने रिकार्ड बनाया है । नयी सरकार ने लोगो कि जाने बहोत सस्ती कर दि है । शासन और प्रशासन हद तो तब करदी जब केईएम अस्पताल में अपने परीजनो कि पहेचान कराने पहूंचे  तो उनके रिस्तेदारो ने देखा कि मरने वाले लोगो के माथेपर पहचान के लिये कुछ बिल्ले  चिपकाये हूए है  । यह देखकर तो परिजनों का गुस्सा ठिकाने पर नही रहा । देखा जाये तो माहाराष्ट्र और मुंबई केन्द्र सरकार को सबसे जादा टैक्स प्रदान होता है । पर सरकार टैक्स लेकर भी मुंबई और माहाराष्ट्र के साथ भेदभाव कर रही है । सरकार कि भेदभाव वाली निती कि वजह से माहाराष्ट्र और मुंबई का विकास थंब गया है  । केन्द्र सरकार माहाराष्ट्र और मुंबई के बड़े बड़े केंद्रीय सरकारी ऑफिस माहाराष्ट्र से बाहर शीप्ट कर रही है ।परिणाम स्वरूप माहाराष्ट्र कि अधोगति हो रही है । माहाराष्ट्र और मुंबई में रास्ते बिजली पाणी और नये विकास कि योजनायें न के बराबर है । ईसीलिये ऐलीफिस्टन जैसे हादसे हो रहे है और गांव गांव में किसान आत्महत्यायें कर रहे है । जिएसटी कि वजह से मुंबई का सारा टैक्स दुसरे राज्य को दिया जा रहा है ईसीलिये मुंबई में ना रस्ते बन रहे है ना गटर ना ना लोगो को पीने का पाणी मील रहा है ना रेल स्टेशनों का विकास हो रहा है ना लोगो का । सब तरफ आंधा धुंदी और धांधली का माहौल है ।
( माहाआचार्य मोहन गायकवाड)

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