आज देश में जो सरकार है ।वह जनता में वर्ण ,धर्म और जातीगत भेदभाव करने वाली है ।ऐसे स्थिति में क्या देश का विकास हो सकता है?
जैसे कि आप देख रहे है कि देश विकास के नामपर थम चुका है । बस न्यूज पेपर, न्यूज टीवी ,सोशियल मीडिया और सरकार द्वारा विकास कि बड़ी बड़ी बाते हो रही है । लेकिन जब सत्य तक पहूँचते है तो सब दावे खोखले साबित हो रहे है । चाहे रोजगार हो, जिडिपी हो ,रेल हो ,टेक्स हो,रस्ते हो,शिक्षा हो ,उच्च शिक्षा हो,तात्रिक शिक्षा हो,आरोग्य हो ,आर्थिक हो,नोटबंदी हो,आतंकवाद हो ,नक्षलवाद हो,उद्योग हो,नये उद्योग हो,विमान विकास, सूरक्षा ,नये रेल मार्ग, नोटबंदी से पैसा कि कमी कि वजह से सब थम चुका है । रेल स्टेशन,जमीन ,मिल् और टेंडर बेचकर यों त्यो करके सरकार चलाई जा रही है ।
नोटबंदी कि वजह से लोगो का इनकम कम हो गया है । कंपनियां घाटे में चलने कि वजसे लाखो लोग अपनी नोकरीयां गवा चुके है । जिएसटी कि वजह से मंहगाई अपनी चरम पर है । किसानों कि हालात बेकार है ईसीलिये वह आत्महत्या कर रहा है ।विद्यार्थियों कि स्कोलरशिप बंद कर दि गई है ।ईसकि वजह से विद्यार्थी भी मजबूर होकर आत्महत्या कर रहे है । वेतन आयोग के नामपर कर्मियों को ठका जा रहा है । सब तरफ परेशानी का माहौल है ।ऐसे स्थिति में मंत्री लोग पूरी दुनिया कि चक्कर काटकर पिकनिक का आर्थिक बोझ जनता पर लाद रहे है ।
सफाई के और जिएसटी के नामपर १००₹ कि मोबाइल रिचार्ज पर सिर्फ ७२₹ का ही टाँक टाईम मिल रहा है । हर जगह हर बिल पर ऐसे ही सफाई टेक्स के नामपर जनता के पैसो कि सफाई हो रही है । मूघलो के जिजीया कर से भी भयानक ईस सरकार के टेक्स साबित हो रहे है ।
जाती ,वर्ण और धर्म के नामपर भेदभाव को बढ़ावा देने का काम बड़े जोरों पर है ।आरक्षण के आधिकार को खत्म किया जा रहा है । ओबीसी, एससी, एसटी एनटी विएनटी कि आरक्षित जगह कम करके कुछ विशिष्ट समुदाय को फायदा पहूचाया जा रहा है । और बुध्दिजीवी लोगो के हत्याकांड हो रहे है । हूकूशाही का माहौल पूरे देश में है ।जो देश हितो के खिलाफ है ।भेद निती के चपेट में सारा देश आचुका है ।अब जनता के हाथो में २०१९ के ईलेक्शन कि चाबी है । अब लोगो पर इस बात का फैसला है ।
सत्यमेव जयते
( माहाआचार्य मोहन गायकवाड)
गुरुवार, 14 सितंबर 2017
भेदभाव करनेवाली सरकार और जनता विकास कि आस में
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