समय के साथ सबकुछ बदला है । जहा कुछ साल पहले बैलट पेपर पर धब्बा मार कर आपने पसंद का लोकप्रिय लोकप्रतिनिधी चुनाव द्वारा चुना जाता था । वही अब वोटिंग मशीन द्वारा अधुनिक तरीके से लोकप्रतिनिधी एक देड महीना वोटिंग मशीन को स्ट्रोग रूम में एसी लगाकर रखा जाता है ।और एक देड महीने बाद वोटो की गिनती हो रही है । सब मामला चौकानेवाला है ।
वाशिंग मशीन में एक प्रोग्राम फिट होता है । जो समय सेटिंग नुसार कार्य करता है । जो ऐटोमेटिक होता है । कपड़े धोना उसके बाद कपड़े का पानी निकालना उसके बाद सूखाना यह प्रोग्राम सेटिंग नुसार समय समय पर होता है । ईवीएम भी वाशिंग मशीन के समान ईलेक्ट्रानिक मशीन है और ईसमें भी प्रोग्राम सेट होता है । जो समय समय पर काम करता है ।ईवीएम कि वोटिंग के पहले की स्थिति वोटिंग के समय पर की स्थिति और रिझल्ट के समय कि स्थिति आप पहले ही सेट करके रख सकते है । आप जैसे सेटिंग करोगें वैसा वह रिझल्ट देगी । इसका मतलब आपको परची देकर भी उसके बाद का प्रोग्राम अलग से सेट कर सकते है । मतलब आपको मीली हूई वोटिंग कि परची बे काम कि है । क्योंकि ईवीएम में वोटिंग के समय का प्रोग्राम अलग सेट होता है और वोटिंग के बाद का प्रोग्राम अलग से सेट कर सकते है ।जैसे वाशिंग मशीन का होता है । आपको उल्लू बनाया जा राहा है ।भाईसाहब ऐसे स्थिति में ईवीएम को ह्यक करने क्या कोई जरूरत है ? आप ह्यक ह्यक करो ओ पहीले से जाक लगा रहे है । आपको पंजाब कि मुंशीपाल्टी देदी और बदले में यूपी गुजरात आसाम और ना जाने क्या क्या ले लिया है ?आपका २०१९ का माईन्ड उन्होंने आज ही सेट कर दिया है ।सारे प्रगत राष्ट्रो में ईवीएम बैन है । आप ईवीएम बैन कि मांग करने के बावज़ूद भी आप पर ईवीएम थोपी जा रही है । आपके मांग को क्यों ठुकराया जा रहा है ? आपने ईवीएम के विरोध में आंदोलन करने के बावजूद भी वह आपकी बात को मान नही रहे है । क्या इसे डेमोक्रेसी कहा जा सकता है ? लोगोने लोगो द्वारा लोगो के लिये चलायें जानेवाले शासन को आप लोकशाही कह सकते है । यहा तो ऐसा कुच्छ भी नज़र नही आ रहा है ।भाईसाहब आप मानो या ना मानो पर आपकी गुलामी बरकरार रहेगी । आपके आधिकार सील हो गये है । ऐसा ही प्रतित हो रहा है । क्या आपका भविष्य मोदलाई खा रही है ?
सोमवार, 18 दिसंबर 2017
ईवीएम और वाशिंग मशीन
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